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कुंडली के प्रथम भाव के बारे में सम्पूर्ण जानकारी।

By September 14, 2022September 23rd, 2022No Comments
कुंडली

ज्योतिष शास्त्र एक विज्ञान माना गया है। यह आपकी जन्म के तारीख और समय के अनुसार व्यक्ति के भविष्य के बारे में जानकारी देता है। ज्योतिष जन्म की तारीख और समय से जन्म कुंडली का निर्माण करते हैं। जिसमे ग्रह और नक्षत्र या अन्य भाव के द्वारा व्यक्ति को भाग्य के बारे में पता चलता है। कुंडली में भाव अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं। कुंडली में 12 भाव होते हैं और कुंडली का प्रथम भाव अधिक आवश्यक होता है और प्रथम भाव के गुण अन्य भावों की अपेक्षा अलग होते हैं। इंस्टाएस्ट्रो के ज्योतिषी बताएंगे कुंडली के प्रथम भाव की सम्पूर्ण जानकारी।

जन्म कुंडली का प्रथम भाव-

कुंडली के प्रथम भाव को लग्न भाव भी कहते हैं। प्रथम भाव इसलिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाता है। यह मनुष्य के स्वभाव, मान-सम्मान, आयु, सुख और यश की जानकारी देता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनुष्य के जन्म के समय जो राशि उदय होती है वह ही राशि मनुष्य की लग्न राशि होती है। उदाहरण के लिए अगर व्यक्ति के जन्म के समय मकर राशि का उदय हो रहा है। तब लग्न राशि मकर राशि ही होगी। व्यक्ति के जीवन की प्रत्येक दशा लग्न भाव पर निर्भर होती है।

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कुंडली के प्रथम भाव के गुण-

  • कुंडली के लग्न भाव या प्रथम भाव से मनुष्य के व्यक्तित्व और स्वभाव के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।
  • लग्न भाव से यह भी पता चलता है जीवन में व्यक्ति के क्या महत्वपूर्ण होगा।
  • यदि लग्न भाव पर शुभ ग्रहों का प्रभाव या उसमें शुभ ग्रह विराजित होते हैं।
  • तब व्यक्ति समाज के साथ जुड़ा हुआ होता है और दयालु स्वभाव का दूसरे इंसान की हमेसा मदद करता है।
  • अगर प्रथम भाव में क्रूर ग्रह अपनी जगह बना लेते हैं तब व्यक्ति क्रूर स्वभाव का हो जाता है।
  • लग्न भाव से यह भी पता चलता है कि व्यक्ति के शरीर के रेखाचित्र का भी पता चलता है।
  • इसी भाव से व्यक्ति की आयु के बारे में पता लगाया जाता है।
  • कुंडली के प्रथम भाव में चंद्रमा, शनि,सूर्य लग्न भाव के स्वामी के साथ स्थित होता है।
  • तब व्यक्ति की आयु लंबी होती है अतः व्यक्ति दीर्घजीवी होता है।

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Kundli

कुंडली के प्रथम भाव से जीवन की जानकारी-

  • प्रथम भाव से व्यक्ति के बुद्धि- विवेक हुए कौशल के बारे पता चलता है।
  • अगर प्रथम भाव में शुभ ग्रहों के प्रभाव में आता है तो ऐसे व्यक्ति की तार्किक क्षमता अत्यधिक प्रबल होती है।
  • प्रथम भाव से यह भी पता चलता है कि आपका प्रारंभिक जीवन कैसा बीतेगा।
  • इस भाव से समाज में व्यक्ति की स्थिति का भी आकलन किया जाता है।
  • प्रथम भाव के बारे में सम्पूर्ण जानकारी चाहते है या जीवन से जुड़ी परेशानियों का अंत के लिए इंस्टाएस्ट्रो के ज्योतिषी से अवशय बात करें

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Jaya Verma

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