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वास्तु के अनुसार नवविवाहित जोड़ों का बेडरूम कैसा होना चाहिए?

By March 24, 2023March 27th, 2026No Comments
वास्तु के अनुसार बेडरूम

शादी के बाद बेडरूम सिर्फ एक कमरा नहीं रहता, बल्कि वही जगह बन जाती है जहाँ दो लोग साथ रहना सीखते हैं। वास्तु के अनुसार बेडरूम की दिशा, रंग और सजावट का असर सिर्फ माहौल पर नहीं, बल्कि रिश्ते की सहजता पर भी पड़ता है।

क्या कहता है नवविवाहित जोड़े के लिए बेडरूम का रंग?

पूरे घर में बेडरूम एक ऐसा हिस्सा होता है, जहाँ नवविवाहित जोड़े अपने आने वाले जीवन के सपने बुनते हैं। इसमें वे तरह-तरह भविष्य की प्लानिंग करते हैं। आइए जानते हैं, वास्तु के अनुसार नवविवाहित जोड़े के लिए बेडरूम का रंग कैसा होना चाहिए।

1. सफेद रंग

वास्तु के अनुसार सफेद रंग संतुलन और साफ माहौल से जुड़ा माना जाता है। नए रिश्ते में यह जरूरी होता है, क्योंकि जब जगह हल्की और खुली लगती है, तो छोटी-छोटी बातों पर तनाव कम होता है।

2. गुलाबी रंग

गुलाबी टोन को वास्तु में प्रेम और कोमलता से जोड़ा जाता है। यह रंग बातचीत को थोड़ा नरम बनाता है और साथ में समय बिताना सहज लगता है।

3. बैंगनी रंग

वास्तु शास्त्र के अनुसार युगल के बेडरूम में बैंगनी रंग का प्रयोग शुभ माना जाता है, जो ऊर्जा संतुलन, मानसिक स्थिरता और आपसी सम्मान को बढ़ाता है। यह रंग रिश्ते में सामंजस्य और गरिमा बनाए रखने में सहायक होता है।

4. नीला रंग

नीला रंग सुकून से जुड़ा माना जाता है। दिनभर की थकान के बाद यह माहौल को धीमा करता है, जिससे बातचीत में टकराव कम होता है।

5. हरा रंग

हरा रंग प्रकृति और संतुलन से जुड़ा माना जाता है। जब बेडरूम में यह रंग होता है, तो माहौल थोड़ा ताज़ा और हल्का लगने लगता है। इससे मन को सुकून मिलता है और शरीर भी जल्दी आराम महसूस करने लगता है।

6. पीला रंग

वास्तु में पीला रंग सूर्य से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इसमें एक तरह की गर्माहट और उजास महसूस होता है। बेडरूम में यह रंग जगह को थोड़ा खुला और जीवंत बना देता है, जिससे मन हल्का रहता है और साथ बिताया समय भी सहज लगता है।

7. इंडिगो रंग

वास्तु में इंडिगो रंग गहराई और सोच से जुड़ा माना जाता है। यह बच्चों के कमरे के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे ध्यान लगाने में मदद मिलती है। साथ ही यह रंग व्यक्ति को खुद से जुड़ने और अपने विचार साफ़ समझने में सहायक होता है।

क्या नवविवाहित जोड़े के लिए बेडरूम का डिजाइन मायने रखता है?

नए रिश्ते की शुरुआत में बेडरूम सिर्फ एक कमरा नहीं होता, यहीं से साथ में समय बिताने की आदत बनती है। इसलिए वास्तु में नवविवाहित जोड़ों को बेडरूम के डिजाइन पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है, ताकि माहौल आरामदायक और सहज बना रहे।

कैसा होना चाहिए बेड?

वास्तु में नवविवाहित जोड़ों के लिए लकड़ी का बेड बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह कमरे में एक प्राकृतिक और सुकून भरा एहसास देता है। इसके मुकाबले धातु का बेड थोड़ा ठंडा महसूस हो सकता है। साथ ही, बेड के बॉक्स में बेकार या फालतू सामान भरकर रखने से बचना चाहिए, ताकि कमरा हल्का और व्यवस्थित बना रहे।

किस दिशा में होना चाहिए बेडरूम?

वास्तु में नवविवाहित जोड़ों के लिए बेडरूम की दिशा दक्षिण-पूर्व मानी जाती है, क्योंकि इसे नए रिश्ते की शुरुआत के लिए ठीक माना जाता है। सोते समय सिर दक्षिण की ओर और पैर उत्तर की ओर रखने की सलाह दी जाती है। अगर ऐसा करना संभव न हो, तो कमरे की व्यवस्था इस तरह रखें कि नींद आराम से पूरी हो सके।

दर्पण का भी रखें ध्यान

आईना कमरे का जरूरी हिस्सा होता है, लेकिन इसकी जगह का ध्यान रखना जरूरी है। वास्तु में बेड के सामने आईना रखने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा होने पर सोते समय ध्यान भटक सकता है और नींद पर असर पड़ सकता है। इसलिए आईना ऐसी जगह रखें जहाँ वह सीधे बेड को न दिखाए।

बेडरूम की दीवारों की सजावट का भी है विशेष स्थान

कमरे को सजाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन क्या लगाया जा रहा है, यह भी मायने रखता है। वास्तु में बेडरूम में बहुत तेज या हिंसक तस्वीरें लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसकी जगह हल्की और सकारात्मक तस्वीरें कमरे को ज्यादा सहज महसूस कराती हैं। बेडरूम में ज़रूरत से ज़्यादा सामान इकट्ठा न करें। साफ और सादा कमरा ज़्यादा आराम देता है और दिमाग भी कम भटकता है।

बेडरूम की दीवारों का रंग

जोड़ों के लिए बेडरूम का रंग ऐसा होना चाहिए जो आँखों को आराम दे और साथ में समय बिताना आसान बनाए। वास्तु में हल्के रंग जैसे गुलाबी, सफेद, हरा और पीला बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि ये माहौल को हल्का और सुकूनभरा रखते हैं। रंगों का संयोजन भी मायने रखता है। बहुत तेज या टकराने वाले रंगों से बचना बेहतर माना जाता है।

इंस्टाएस्ट्रो के ज्योतिषी से जानिए युगल बेडरूम के रंग संयोजन के बारे में।

निष्कर्ष

नवविवाहित जोड़ों के लिए बेडरूम केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि रिश्ते की शुरुआत का आधार होता है। सही रंग, दिशा और साज-सज्जा से माहौल सहज और संतुलित रहता है, जिससे आपसी समझ, आराम और साथ बिताया समय बेहतर हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वास्तु के अनुसार बेडरूम का रंग कैसे चुनें?

  वास्तु के अनुसार हल्के रंग जैसे सफेद, गुलाबी और हल्का हरा बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि ये कमरे को शांत और आरामदायक बनाते हैं।

2. क्या गहरे रंग बेडरूम के लिए सही होते हैं?

बहुत गहरे रंग कमरे को भारी और छोटा दिखा सकते हैं। इसलिए बेडरूम में हल्के और सॉफ्ट रंग ज्यादा आरामदायक और बेहतर माने जाते हैं।

3. बेडरूम की दिशा का क्या महत्व है?

वास्तु के अनुसार दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता से जुड़ी मानी जाती है। हालांकि आराम और नींद के लिए रोशनी और शांति ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

4. क्या बेडरूम में आईना रखना सही है?

वास्तु में बेड के सामने आईना रखने से बचने की सलाह दी जाती है। यह कुछ लोगों की नींद और आराम पर भी असर डाल सकता है।

5. बेडरूम को आरामदायक कैसे बनाएं?

हल्के रंग, कम सामान, साफ-सफाई और सही रोशनी बेडरूम को ज्यादा आरामदायक बनाते हैं। इससे नींद और मानसिक शांति बेहतर होती है।

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