Get App
CalendarFestivalsHindi

मासिक कार्तिगाई 2022: मासिक कार्तिगाई की पूजा विधि और महत्व।

By July 19, 2022November 23rd, 2023No Comments
Diye

मासिक कार्तिगाई-

कार्तिगाई का पर्व प्रत्येक महीने पड़ता है। इसलिए मासिक कार्तिगाई के नाम से जाना जाता है। मासिक कार्तिगाई के पर्व को कार्तिगाई दीपम भी कहते हैं। कार्तिगाई दीपम का नाम कार्तिकाई या कृतिका नक्षत्र से लिया गया है। जिस दिन कृतिका नक्षत्र पड़ता है। उस दिन मासिक कार्तिगाई दीपम का पर्व मनाया जाता है। प्रत्येक माह दक्षिण भारत में मासिक कार्तिगाई को मुख्य रूप से मनाया जाता है। मासिक कार्तिगाई दीपम के पर्व को तमिल समुदाय में धूमधाम से मनाते हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। मासिक कार्तिगाई के दिन शिव ने अपने आप को ज्योत रूप में बदल लिया था। मासिक कार्तिगाई के दिन शिव जी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन विशाल दीप जलाये जाते हैं। इन दीपक की रौशनी कई किलोमीटर तक नजर आती है। यह विशाल दीप महादीपम कहलाते है।
आज हम इस लेख में बताएंगे। मासिक कार्तिगाई 2022 के सम्पूर्ण माह की तिथि, मासिक कार्तिगाई की पूजा विधि और मासिक कार्तिगाई का महत्व।

Shivling

2022 के सम्पूर्ण माह के मासिक कार्तिगाई की तिथि-

  • 12 जनवरी 2022 दिन बुधवार।
  • 9 फरवरी 2022 दिन बुधवार।
  • 8 मार्च 2022 दिन मंगलवार।
  • 4 अप्रैल 2022 दिन सोमवार।
  • 2 मई 2022 दिन सोमवार।
  • 25 जून 2022 दिन शनिवार।
  • 22 जुलाई 2022 दिन शुक्रवार।
  • 19 अगस्त 2022 दिन शुक्रवार।
  • 15 सितंबर 2022 दिन गुरुवार।
  • 12 अक्टूबर 2022 दिन बुधवार।
  • 9 नवंबर 2022 दिन बुधवार।
  • 6 दिसंबर 2022 दिन गुरुवार।

Mandir

मासिक कार्तिगाई दीपम पूजा विधि-

  • इस दिन सूर्योदय से पहले शुभ मुहूर्त में उठना चाहिए।
  • इसके पश्चात स्नान करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
  • शिव जी की पूजा सच्ची श्रद्धा से करनी चाहिए।
  • इसके बाद शिव जी को सफ़ेद फूल,धतूरा,फल,शहद और जल अर्पित करना चाहिए।
  • पूजा करते समय शिव कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  • शिव जी की पूजा करने के बाद आशीर्वाद ले।
  • इस दिन कार्तिगाई दीपम का व्रत करना भी शुभ होता है।
  • आप इस व्रत के समय फलाहार भी ग्रहण कर सकते हैं।
  • व्रत का समापन अगले दिन करना चाहिए।

मासिक कार्तिगाई का महत्व-

आइये जानते हैं मासिक कार्तिगाई का महत्व। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार। एक बार लंबे समय तक ब्रह्मा जी और विष्णु जी के बीच बहस चलती रही। दोनों स्वयं को एक दूसरे से अच्छा बता रहे थे। इस बहस को सुलझाने के लिए शिव जी आये। शिव जी ने दीप ज्योति का रूप ले लिया। शिव जी के ज्योति स्वरूप की पूजा की जाती है। इसलिए मासिक कार्तिगाई के पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में मासिक मासिक कार्तिगाई के पर्व का अत्यधिक महत्व है।

आप इस प्रकार की अधिक जानकारी चाहते हैं तो इंस्टाएस्ट्रो के साथ जुड़े रहें और हमारे लेख जरूर पढ़ें।

और पढ़ें: कुँवारी कन्या मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखें ये व्रत: मिलेगा विशेष लाभ।

Get in touch with an Astrologer through Call or Chat, and get accurate predictions.

Jaya Verma

About Jaya Verma

I love to write, I participated as co-author in many books, also received prizes at national level for writing article, poetry and I got a letter of appreciation from hirdu foundation. I have 4 year of experience in this field.