
ज्योतिष शास्त्र की वह शाखा होती है जिसमें किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख की संख्याओं के कुल योग का अध्ययन किया जाता है। और अंक शास्त्र यानि कि संख्याओं का विज्ञान। अंक शास्त्र के अनुसार संख्याओं से व्यक्ति के लक्षण और उनके जीवन में होने वाली घटनाएं प्रभावित होती हैं तो आइये इन्स्टाएस्ट्रो के ज्योतिष से जानते हैं अंक ज्योतिष का इतिहास,
अंक ज्योतिष के लाभ और अंक ज्योतिष कैसे काम करता है?
अंक ज्योतिष संख्या क्या होता है ?
यह सभी संख्याओं के बारे में होता है और संख्याओं के कंपन और झुकाव से व्यक्ति के भविष्य के बारे में पता चलता है। संख्याएँ किसी न किसी रूप में व्यक्ति से जुड़ी होती हैं। अंक शास्त्र भविष्यवाणी का प्रकार है जिसके आधार पर व्यक्ति के जीवन का विश्लेषण किया जा सकता है।
संख्याओं का विज्ञान क्या है ?
जिस दिन बच्चा इस संसार में प्रवेश करता है, उस दिन की तिथि, जन्म का समय और उसे अपने माता-पिता से जो नाम मिलता है इन सभी कारकों का उसके जीवन में बहुत प्रभाव पड़ता है। उसका व्यक्तित्व कैसा होगा, वह अपने करियर में क्या करेगा यह सब बातें इन्हीं कारकों पर निर्भर करती हैं। अंक ज्योतिष में विश्लेषण का मुख्य बिंदु होता है – संख्याओं का विज्ञान।
इसमें जन्म तिथि संख्या, कर्म चक्र संख्या, जीवन पथ संख्या, सूर्य संख्या आदि का विश्लेषण किया जाता है। इन सभी संख्याओं, तकनीकों और गणनाओं का भी अंकज्योतिष शास्त्र में अत्यधिक महत्व होता है।
क्या है अंक ज्योतिष का इतिहास ?
ज्योतिष शास्त्र की ही एक पुरानी और विश्वसनीय कला है अंक ज्योतिष। यह भविष्य जानने के सबसे पुराने तरीकों में से एक है।
अंक शास्त्र की सामान्य अवधारणा प्राचीन देश जैसे कि जापान, ग्रीस, भारत और मिस्र में देखने को मिलती है। अंक शास्त्र और इसकी विधाएं प्राचीन रोम और चीन जैसे देशों में भी प्रचलित थी।
पाइथागोरस अंक शास्त्र के जनक थे जो की एक यूनानी दार्शनिक थे। पाइथागोरस ने अंक शास्त्र की पद्धति विकसित की। परन्तु उन्हें अंक शास्त्र की खोज का श्रेय नहीं दिया जाता है। फिर भी उनके सिद्धांतों ने अंकशास्त्र के प्रसार और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अंक ज्योतिष कैसे काम करता है ?
अंकशास्त्र में 1 से 9 तक की संख्याओं का विज्ञान होता है। इसमें केवल एक अंक वाली संख्याएँ शामिल होती हैं। यदि आपको संख्याओं का कुल योग दो अंकों में मिलता है, तो इसे एक अंक में बदलना पड़ता है। इसके अतिरिक्त कुछ मास्टर संख्या होती हैं जैसे की – 11, 22 और 33।
उदाहरण :
यदि किसी की जन्मतिथि 15-12-1998 है, तो –
दिनांक : 1+5=6
महीना : 1+2=3
वर्ष : 1+9+9+8= 27 फिर 2+7=9
जन्मतिथि की तरह व्यक्ति के नाम के अक्षर का विश्लेषण भी इसी गणना के आधार पर किया जाता है। जहाँ A=1, बी = 2, सी = 3, आदि इसी तरह होते हैं। यहाँ भी, दोहरे अंकों की संख्याएँ एकल में परिवर्तित हो जाती हैं। जैसे – L=12, यानी 1+2=3
अंक ज्योतिष संख्या का अर्थ क्या होता है ?
अंक ज्योतिष में शामिल 1 से 9 तक की संख्याएं नवग्रहों का प्रतिनिधित्व करती हैं। और प्रत्येक संख्या की अपनी विशिष्ट विशेषता होती है। इन्हीं अंकों के आधार पर व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में पता चलता है।
क्या होते हैं अंक ज्योतिष के लाभ ?
- व्यक्ति के जीवन के सभी प्रमुख पहलू अंक संख्या और उससे संबंधित ग्रहों पर निर्भर करते हैं। व्यक्ति की इच्छाएं, उसका करियर, उसका स्वास्थ्य, धन-दौलत आदि सभी चीज़े अंकशास्त्र के द्वारा पता किया जा सकता है।
- अंक शास्त्र के माध्यम से व्यक्ति यह जान सकता है कि उसका साथी उसके लिए उपयुक्त है या नहीं। जिस प्रकार विवाह से पूर्व कुंडली मिलाई जाती है उसी प्रकार अंकों का विश्लेषण करने से इस बात का पता लगाया जा सकता है कि शादीशुदा जीवन सफल होगा या नहीं।
- अंक शास्त्र की सहायता से किसी भी व्यक्ति के लक्षणों के बारे में पता किया जा सकता है। इससे हम अपने संबंधों को बेहतर बना सकते हैं।
- अंकशास्त्र से व्यक्ति के व्यक्तित्व की व्याख्या की जाती है। व्यक्ति की प्रतिभा, क्षमता, ताकत और कमजोरियों सभी का आकलन किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न –
1. अंक ज्योतिष संख्या क्या होता है?
2. संख्याओं का विज्ञान क्या होता है?
3. अंक ज्योतिष का इतिहास क्या है?
4. अंक ज्योतिष के लाभ क्या होते हैं?
5. अंक ज्योतिष कैसे काम करता है?
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