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Indira Ekadashi 2026: तिथि, महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा

By August 27, 2022March 27th, 2026No Comments
भगवान विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी

हिंदू धर्म में इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत रखा जाता है, जिसे इंदिरा एकादशी व्रत कहा जाता है। यह प्रमुख एकादशियों में से एक है और पितृ पक्ष में पड़ने के कारण इसे एकादशी श्राद्ध भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इंदिरा एकादशी 2026 के बारे में संपूर्ण जानकारी।

इंदिरा एकादशी क्या है?

प्रत्येक वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का मुख्य उद्देश्य पितरों को मोक्ष दिलाना और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।

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विष्णु जी

इंदिरा एकादशी 2026 की तिथि

वर्ष 2026 में इंदिरा एकादशी 28 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी।

एकादशी तिथि का प्रारंभ: 27 सितंबर 2026, शाम
एकादशी तिथि समाप्त: 28 सितंबर 2026, शाम

इंदिरा एकादशी 2026 का मुहूर्त

व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है। पारण का समय 29 सितंबर 2026 को सुबह के समय शुभ माना जाएगा।

हाथ पर फूल

इंदिरा एकादशी पूजा विधि

  • इस एकादशी का व्रत एक दिन पहले आरंभ हो जाता है।
  • एकादशी के दिन पूर्वजों को याद किया जाता है।
  • इंदिरा एकादशी को सूर्योदय से पहले ही स्नान कर लें।
  • प्रातः काल पूजा करें और व्रत का संकल्प लें।
  • यह व्रत सूर्योदय से पहले आरम्भ होता है और अगले दिन समाप्त होता है।
  • इंदिरा एकादशी के दिन नदी में स्नान करके तर्पण करना चाहिए।
  • व्रत समाप्त होने पर गाय,कौए या कुत्ते को भोजन देना चाहिए।
  • इंदिरा एकादशी के ब्राह्मण को दान देना लाभ देता है।

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ब्राह्मण

इंदिरा एकादशी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक इंद्रसेन राजा था। जो भगवान विष्णु का परम भक्त था। इंद्रसेन के राज्य की पूरी प्रजा अत्यधिक खुश रहती थी। प्रजा में सभी तरह के धार्मिक कार्य सही तरह से होते हैं। एक बार नारद मुनि राजा इंद्रसेन के पास आये और बोले। तुम्हारी प्रजा में सभी धार्मिक कार्य सही ढंग से हो रहे हैं। राजा इंद्रसेन ने उत्तर दिया। हाँ, मेरे राज्य में सभी कार्य सही तरह से हो रहे हैं। 

नारद मुनि ने बताया कि आपके पिता अत्यधिक दुखी हैं। क्योंकि आपके पिता को मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने अपने पूर्व जन्म में एकादशी व्रत को नहीं कर पाए थे। राजा इंद्रसेन ने नारद मुनि से इसका उपाय पूछा। नारद मुनि ने उपाय के बारे में बताया। कहा अगर तुम श्राद्ध पक्ष को पड़ने वाली एकादशी को व्रत करो। क्योंकि श्राद्ध पक्ष में ही पितरों को मोक्ष मिलता है। राजा इंद्रसेन ने व्रत किया। जिससे उनके पिता को मोक्ष प्राप्त हुआ। इस कारण इस एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है।

भगवान विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी

इंदिरा एकादशी के लाभ 

  • इस एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
  • अगर आप इस व्रत को पूरे अनुष्ठान से करते हो तो अधिक लाभ प्राप्त होता है।
  • इंदिरा एकादशी के दिन पितरों का श्राद्ध करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • अपने पूर्वजों का श्राद्ध मुहूर्त में करने से विशेष लाभ होता है।
  • श्राद्ध करने के मुहूर्त को इंस्टाएस्ट्रो के ज्योतिषी से बात करके जान सकते हैं।

निष्कर्ष 

इंदिरा एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि पितरों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्मरण का विशेष अवसर है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया व्रत पितरों की आत्मा को शांति देने के साथ-साथ साधक के जीवन में आध्यात्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा लाने में सहायक माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

 

1. इंदिरा एकादशी 2026 का व्रत किसके लिए किया जाता है?

इंदिरा एकादशी 2026 का व्रत मुख्य रूप से पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए किया जाता है। इसे पितृ पक्ष में विशेष महत्व दिया जाता है।
 

2. इंदिरा एकादशी का व्रत कैसे रखा जाता है?

इस व्रत में सूर्योदय से पहले स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पूरे दिन व्रत रखकर अगले दिन द्वादशी पर विधि अनुसार पारण किया जाता है।
 

3. क्या इंदिरा एकादशी पर श्राद्ध करना जरूरी है?

इंदिरा एकादशी पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना शुभ माना जाता है। इससे पूर्वजों को शांति मिलती है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
 

4. इंदिरा एकादशी का धार्मिक महत्व क्या है?

इस एकादशी को पितृ पक्ष में आने के कारण विशेष महत्व प्राप्त है। यह दिन भगवान विष्णु की कृपा और पितरों के मोक्ष से जुड़ा हुआ माना जाता है।
 

5. इंदिरा एकादशी व्रत के दौरान क्या दान करना चाहिए?

इस दिन ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र और दक्षिणा देना शुभ माना जाता है। साथ ही गाय, कौए या जरूरतमंदों को भोजन कराना भी पुण्यदायक होता है।
 

6. इंदिरा एकादशी का पारण कब करना चाहिए?

इंदिरा एकादशी का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है। पारण सुबह के समय करना शुभ माना जाता है और इसे नियमपूर्वक करना आवश्यक होता है।
 

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Jaya Verma

About Jaya Verma

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