Talk to India's best Astrologers
First Consultation at ₹1 only
Login
Enter your mobile number
अमावस्या, जिसे अमावस्या की रात भी कहा जाता है, हिंदू चंद्र कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण घटना है। यह चंद्र महीने की पहली तिमाही की पहली रात से शुरू होती है। तो, आइए हमारे साथ जानें कि अमावस्या कब है (Amavasya kab hai ) और हिंदी में अमावस्या त्यौहार (Amavasya festival in hindi) की सम्पूर्ण जानकारी ।
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| माघ/ मौनी अमावस्या | 28 जनवरी, 7:35 शाम - 29 जनवरी, 6:05 शाम तक | उत्तराषाढ़ा |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| फाल्गुन अमावस्या | 27 फरवरी, सुबह 8:45 बजे से 28 फरवरी, सुबह 6:14 बजे तक | धनिष्ठा |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| चैत्र अमावस्या/सोमवती अमावस्या | 28 मार्च, शाम 7:55 - 29 मार्च, शाम 4:27 तक | उत्तराभाद्रपद |
| वैशाख अमावस्या/ शनि अमावस्या | 27 अप्रैल, 4:49 सुबह - 28 अप्रैल, 1:00 सुबह | अश्विनी |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| ज्येष्ठ अमावस्या/ दर्श अमावस्या/ | 26 मई, 12:11 शाम - 27 मई, 8:31 सुबह | रोहिणी |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| आषाढ़ अमावस्या | 24 जून, शाम 6:59 बजे- 25 जून, शाम 4:00 बजे | मृगशीर्ष |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| श्रावण अमावस्या/ हरियाली अमावस्या | 24 जुलाई, 2:28 सुबह - 25 जुलाई, 12:40 सुबह | पुनर्वसु |
| भाद्रपद अमावस्या/ पिथोरी अमावस्या | 22 अगस्त, 11:55 सुबह - 23 अगस्त, 11:35 सुबह | माघ |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| आश्विन अमावस्या/ महालय अमावस्या/ सर्व पितृ अमावस्या | 21 सितंबर, 12:16 सुबह - 22 सितंबर, 1:23 सुबह | पूर्वाफाल्गुनी |
| कार्तिक अमावस्या/ भौमवती अमावस्या | 20 अक्टूबर, 3:44 शाम - 21 अक्टूबर, 5:54 शाम | चित्रा |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| मार्गशीर्ष अमावस्या | 19 नवंबर, सुबह 9:43 बजे से 20 नवंबर, दोपहर 12:16 बजे तक | विशाखा |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| पौष अमावस्या | 19 दिसंबर, 4:59 सुबह - 20 दिसंबर, 7:12 सुबह तक | ज्येष्ठ |
| Bhadrapada Amavasya | 11 September 2026 Friday | 10:33 AM (Sep 10) - 08:56 AM (Sep 11) |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| Ashwina Amavasya | 10 October 2026 Saturday | 09:35 PM (Oct 09) - 09:19 PM (Oct 10) |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| Darsha Amavasya | 8 November 2026 Sunday | 11:27 AM (Nov 08) - 12:31 PM (Nov 09) |
| Kartika Amavasya | 9 November 2026 Monday | 11:27 AM (Nov 08) - 12:31 PM (Nov 09) |
| अमावस्या तिथि | दिनांक समय | नक्षत्र |
|---|---|---|
| Margashirsha Amavasya | 8 December 2026 Tuesday | 04:12 AM (Dec 08) - 06:21 AM (Dec 09) |
क्या आप भी सोच रहे हैं कि अमावस्या कब है? (Amavasya kab hai) तो इसका जवाब यहीं है। नीचे अमावस्या 2025 की तारीख या अमावस्या तिथि (Amavasya tithi) और समय विस्तार से दिया गया है। तो, अगला अमावस्या त्यौहार (Amavasya tyohar) के बारे में सभी जानकारी के लिए इसे देखें।
हिंदू धर्म में अमावस्या त्यौहार (Amavasya tyohar) को आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण समय माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस समय ब्रह्मांड की ऊर्जाएं चरम पर होती हैं, जिससे यह ध्यान, उपवास और आध्यात्मिक अभ्यास करने के लिए एक सही अवसर बन जाता है।
इसके अलावा, अमावस्या शब्द दो संस्कृत शब्दों को मिलाकर बनाया गया है, अमा का अर्थ है एक साथ और वस्या का अर्थ है निवास करना। कई हिंदू शरीर और आत्मा को शुद्ध करने के लिए अमावस्या के दौरान उपवास रखते हैं।
अमावस्या का अर्थ मुक्ति या मोक्ष के लिए जाना जाने वाला एक विशेष दिन माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह सभी पुरानी आदतों, असफलताओं और विचारों को छोड़ने का दिन है। आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक अभ्यासों के माध्यम से आध्यात्मिक यात्रा पर कदम रखने के लिए यह सबसे अच्छा दिन है। इसलिए अमावस्या का महत्व (Amavasya ka mahatva) अधिक बढ़ जाता है।
इसके अतिरिक्त, अमावस्या की उपस्थिति शांति की भावना लाती है जो आपके विचारों की गहराई से समीक्षा करने और उच्च चेतना से जुड़ने के लिए फायदेमंद है।
वैदिक ज्योतिष में बहुत अमावस्या का महत्व (Amavasya ka mahatva) है और इसलिए यह प्राचीन परंपराओं में शामिल है। यह चंद्रमा ग्रह से जुड़ा हुआ है, जो हमारे अंतर्ज्ञान, भावनाओं और अवचेतन मन से संबंधित है।
ऐसा माना जाता है कि अमावस्या के दौरान चंद्रमा की अनुपस्थिति व्यक्ति की भावनाओं और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। इसके अलावा, कुछ ज्योतिषियों का सुझाव है कि इस समय के दौरान, व्यक्ति तीव्र भावनाओं का अनुभव कर सकता है और उनके अवचेतन विचारों पर अधिक प्रभाव पड़ सकता है।
Read About Other Important Festivals