यमगंडम में यहां से अपना समय प्राप्त करें

भारतीय ज्योतिष में लोग अक्सर दिन के खास समय को देखते हैं ताकि यह तय किया जा सके कि उन्हें महत्वपूर्ण काम कब शुरू करना है। हालांकि यमगंडम का समय अशुभ माना जाता है जिसका अर्थ है कि ये नया व्यापार शुरू करने के लिए सही समय नहीं है। दिन की सही योजना बनाने के लिए नीचे दिए हिंदी में यमगंडम कैलकुलेटर (Yamagandam Calculator in hindi) का इस्तेमाल करें।

यमगंडम समय

यमगंडम का समय आज सेकंडों में जानने के लिए तारीख और अपना स्थान दर्ज करें।

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आज का यमगंडम कैलकुलेटर क्या है?

यमगंडम टुडे कैलकुलेटर हमारा फ्री ऑनलाइन ज्योतिष टूल है जिसे हमारे ज्योतिष विशेषज्ञों द्वारा डिज़ाइन किया गया है। प्राचीन ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार, यह टूल दिन के अशुभ के बारे में पता लगाता है जिसे यमगंडम के रूप में जाना जाता है जो लगभग 1 घंटे और 30 मिनट तक रहता है।

आज का यमगंडम कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें?

यमगंडम टुडे कैलकुलेटर का इस्तेमाल करने के लिए नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें और बिना किसी देरी या बाधा के अपनी सभी एक्टिविटी और परियोजनाओं को पूरा करें।

  • अपने बारे में जानकारी दर्ज करें: कैलकुलेटर में अपनी सही जानकारी दर्ज करके शुरुआत करें। इसमें आपकी तिथि और स्थान शामिल हैं।
  • ‘गणना’ बटन दबाएं: सभी जानकारी भरने के बाद आज ही अपना यमगंडम समय प्राप्त करने के लिए गणना बटन दबाएं।
  • अपनी योजना बनाएं: हमारे कैलकुलेटर द्वारा दिखाए गए यमगंडम समय के आधार पर आप आने वाले दिन के लिए अपनी योजना बना सकते हैं। उदाहरण के लिए शुभ कार्य करने या कोई नया अनुष्ठान शुरू करने से बचें।

यमगंडम का अर्थ और समय क्या है?

संस्कृत में ‘यम’ का अर्थ मृत्यु का देवता है और ‘गण्डम’ का अर्थ है कठिनाई। तो हिंदी में यमगंड का अर्थ (Yamaganda meaning in hindi) है ‘यम का काल’ या ‘काम की मौत’। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यमगंडम काल एक खास समय है। इस दौरान नई एक्टिविटियों को शुरू करने से बचना चाहिए।

यमगंडम के दौरान शुरू किया गया कोई भी नया काम या एक्टिविटी सही से पूरा नहीं हो सकता है। आमतौर लोग इस समय कोई भी शुभ काम करने से बचते हैं जैसे कि बड़े दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना, नया काम शुरू करना या मूल्यवान वस्तुएं (जैसे घर या कार) खरीदना।

यमगंड का हिन्दी में अर्थ (Yamaganda meaning in hindi) जानने के बाद यहाँ एक आसान नियम दिया गया है जिसकी मदद से आप जानेंगे कि हफ्ते में कब यमगंडम समय पड़ता है।

  • रविवार यमगंडम: यह दिन आमतौर पर दोपहर के बाद आता है।
  • सोमवार यमगंडम: आमतौर पर देर सुबह के बाद आता है।
  • मंगलवार यमगंडम: अक्सर सुबह के समय होता है।
  • बुधवार यमगंडम: अक्सर सुबह-सुबह होता है।
  • गुरुवार यमगंडम: अक्सर सुबह-सुबह होता है।
  • शुक्रवार यमगंडम: अक्सर दोपहर में होता है।
  • शनिवार यमगंडम: रोज दोपहर के आसपास होता है।

आज के यमगंडम की गणना कैसे करें?

यमगंडम का समय आज के अनुसार, सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच की अवधि को आठ बराबर भागों में बांटकर गणना की जाती है। यमगंडम के समय में रोजाना बदलाव होता है तथा स्थान के अनुसार भी इसमें अंतर देखें जाते हैं क्योंकि पूरे विश्व में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग होता है।

आइए एक उदाहरण जानते हैं जिससे पता चलता है कि यमगंडम समय की गणना मैन्युअल रूप से कैसे की जाती है। मान लीजिए कि आप नोएडा के लिए आज यमगंड समय की गणना करना चाहते हैं।

  • नोएडा में सूर्योदय: लगभग 5:25 सुबह से
  • नोएडा में सूर्यास्त: लगभग 7:09 शाम तक

सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय लगभग 13 घंटे और 44 मिनट (824 मिनट) होता है। इसे 8 बराबर भागों में बांटने पर हमें प्रत्येक खंड में लगभग 103 मिनट (या 1 घंटा और 43 मिनट) मिलते हैं।

मंगलवार के लिए यमगंडम आज समय आमतौर पर दिन के दूसरे भाग में आता है।

मंगलवार के लिए सामान्य गणना के आधार पर लगभग 07:08 सुबह से 08:51 सुबह तक यमगंडम समय है। हालांकि इस कैलकुलेटर की मदद से आप जान सकते हैं कि आज का यमगंड मुहूर्त क्या है?

यमगंडम और राहु काल में क्या अंतर है?

वैदिक ज्योतिष में यमगंडम काल और राहुकाल दोनों को अशुभ काल माना जाता है और दोनों ही रोजाना लगभग 90 मिनट तक चलते हैं। हालांकि उनके अर्थ और उनके द्वारा दर्शायी जाने वाली ग्रह ऊर्जा में एक महत्वपूर्ण अंतर है।

विशेषतायमगंडम समयशांति तुला
के साथ जुड़ेयम, मृत्यु के देवता हैं यह बाधाओं और कठिनाइयों को दर्शाते है।राहु, शक्तिशाली छाया ग्रह है यह भ्रम और देरी को दर्शाते है।
प्रकृतिअशुभअशुभ
गणनासप्ताह के खास दिन के आधार पर गणना की जाती है। दिन को आठ भागों में बांटा जाता है।इसकी गणना भी दिन को (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) आठ भागों में बांटा जाता है लेकिन सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए इसका एक अलग तय नियम होता है।
प्रभावशुरू की गई एक्टिविटी असफल हो सकती हैं।शुरू की गई एक्टिविटी में देरी, भ्रम या अधुरे परिणाम का सामना करना पड़ सकता है।

लोग आज का यमगंडम क्यों मनाते हैं?

यमगंडम समय का पालन करना प्राचीन वैदिक परंपराओं से किया जा रहा है। ये खास ऊर्जा हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि यमगंडम का समय लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।

  • बाधाओं से बचने के लिए: इसका मुख्य कारण यह है कि लोग जरूरी कामों में रुकावट और परेशानियों से बचना चाहते हैं। यमगंडम के समय कोई नया काम शुरू न करके लोग सफलता की संभावना को बढ़ाते हैं और असफलता के खतरे को कम करते हैं।
  • मन की शांति: इन नियमों का पालन करके लोग शांति और आत्मविश्वास प्राप्त करते हैं।
  • सांस्कृतिक अभ्यास: कई परिवार इन समयों को अपनी संस्कृति और भक्ति रूप में मानते आए हैं।

आज का यमगंडम के दौरान ये एक्टिविटी न करें

आज यमगंडम समय में निम्नलिखित एक्टिविटी से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे देरी, बाधाओं और रुकावटों को दर्शाती है।

  • कोई नया व्यवसाय या काम शुरू करना।
  • महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन या निवेश करना।
  • नये समझौतों पर हस्ताक्षर करना।
  • महत्वपूर्ण यात्रा या लंबी यात्रा की शुरुआत करना।
  • विवाह, गृह प्रवेश या सगाई समारोह जैसे शुभ समारोह आयोजित करना।
  • नये वाहन, संपत्ति या आभूषण खरीदना।

क्या आज का यमगंडम में कुछ अच्छा किया जा सकता है?

इस समय नए प्रोजेक्ट, शुभ अनुष्ठान और एक्टिविटी से बचना चाहिए। हालांकि आज यमगंडम समय के दौरान हर अनुष्ठान को नहीं किया जा सकता है।

  • यमगंडम समय शुरू होने से पहले शुरू किए गए कार्यों को जारी रखा जा सकता है।
  • प्रतिदिन किए जाने वाले काम करने में कोई हानि नहीं है।
  • भक्ति अभ्यास जैसे ध्यान, मंत्र जाप या प्रार्थना जो आप नियमित रूप से करते हैं।
  • भविष्य की एक्टिविटी के लिए योजना बनाना।

इंस्टाएस्ट्रो आज का यमगंडम कैलकुलेटर का इस्तेमाल क्यों करें?

नीचे बताया गया है कि आपको इंस्टाएस्ट्रो हिन्दी में यमगंडम कैलकुलेटर (Yamagandam Calculator in hindi) का इस्तेमाल क्यों करना चाहिए।

  • भरोसेमंद टूल: यह ऑनलाइन कैलकुलेटर विशेष रूप से इंस्टाएस्ट्रो जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से आपके खास स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के आधार पर सही गणना करता है।
  • सुविधा: आप अपने फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करके आज का यमगंडम समय जान सकते हैं। इसके लिए आपको मैन्युअल रूप से गणना करने की आवश्यकता नहीं है।
  • आसान योजना: यमगंडम का सही समय जानने से आपको अपनी महत्वपूर्ण एक्टिविटी की योजना बनाने में आसानी होती है जिससे आप नई शुरुआत के लिए इस अशुभ अवधि से बच सकते हैं।
  • बाधाओं से बचें: हमारे यमगंडम आज कैलकुलेटर का इस्तेमाल करके आप अशुभ समय से बच सकते हैं और नए व्यापार को किसी भी तरह की देरी, कठिनाइयों से बचा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-

दिन के यमगंडम समय की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त को ध्यान में रखकर की जाती है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि दिन सुबह 6 बजे शुरू होता है और शाम 6 बजे समाप्त होता है। यह उनके बीच बारह घंटे स्थापित करता है और जब आठ खंडों में विभाजित किया जाता है, तो प्रत्येक खंड को डेढ़ घंटे दिए जाते हैं। इस प्रकार, यमगंडम समय की गणना करते समय दिन को विभाजित किया जाता है।
गुलिका काल को शुभ समय के रूप में जाना जाता है और ऐसा माना जाता है कि इस अवधि के दौरान किए गए किसी भी कार्य में सफलता और सकारात्मकता आएगी।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार यमगंडम एक अशुभ काल माना जाता है। यमगंडम काल के तीन भाग हैं: पूर्व-यमगंडम काल, यमगंडम काल और यमगंडम के बाद का काल। यमगंडम अवधि से आधा घंटा पहले यमगंडम पूर्व अवधि होती है और यमगंडम अवधि के आधे घंटे बाद यमगंडम के, बाद की अवधि होती है।
सबको यही सलाह दी जाती है कि दिन के इस विशेष समय में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। यदि आपको कोई आवश्यक कार्य करना है, तो आपको कार्य करने से पहले उचित उपाय करना चाहिए।
इस अवधि में नये काम शुरू करने से बचना चाहिए। इसलिए, इस अवधि के दौरान पूजा या अनुष्ठान शुरू न करें। हालांकि, चल रही पूजा को बिना किसी हिचकिचाहट के जारी रखा जा सकता है।
किसी दिन के यमगंडम समय की जांच करने के लिए, बस हमारे टूल में एक विशेष तारीख डालें और बस एक क्लिक से सटीक परिणाम प्राप्त करें।

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