नवार्ण मंत्र क्या है?

नवार्ण मंत्र, जिसे नवाक्षरी या चंडी मंत्र के रूप में भी जाना जाता है, ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' है। यह मां चामुंडा की एक शक्तिशाली प्रार्थना है जो सृजन (सरस्वती), संरक्षण (लक्ष्मी), और परिवर्तन (काली) की ऊर्जाओं को जोड़ती है। हिंदी में नवार्ण मंत्र के लाभ (Navarna mantra benefits in hindi) और नवार्ण मंत्र क्या है (Navarna mantra kya hai) की पूर्ण जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

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नवार्ण मंत्र के प्रत्येक शब्द का अर्थ

नवार्ण मंत्र साधना का प्रत्येक अक्षर (बीज ध्वनि) दिव्य स्त्री रूप के विभिन्न पहलुओं का प्रतीक है। ये एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करते हैं और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं।

सामूहिक रूप से, मंत्र का अनुवाद है - ‘मैं दिव्य माँ चामुंडा को अपनी भक्ति अर्पित करता हूँ, जो ज्ञान, सुरक्षा और भ्रम पर काबू पाने की शक्ति प्रदान करती हैं’।

आइये हिंदी में नवार्ण मंत्र (Navarna mantra in hindi) के प्रत्येक शब्द के पीछे का अर्थ जानें।

  • ओम या ॐ

‘ॐ’ ब्रह्मांड की ध्वनि है जो जीवन के आरंभ से भी पहले अस्तित्व में थी और परम वास्तविकता, ब्रह्मा (ब्रह्मांड के निर्माता) का प्रतिनिधित्व करती है।

अभ्यासियों का मानना ​​है कि नवाक्षरी मंत्र में ‘ॐ’ आपको आराम की स्थिति में ले जाता है, तथा ध्यान शुरू करने के लिए तैयार करता है।

  • उद्देश्य

नवार्ण मंत्र के बोलों में ‘ऐं’ शब्द ज्ञान, बुद्धि और ललित कलाओं की देवी महासरस्वती का प्रतीक है। यह बीज शब्द कंठ चक्र को सक्रिय करता है।

अर्थात, जब इसका जाप किया जाता है, तो यह रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता और अंतर्ज्ञान को बढ़ाता है। इसके अलावा, ‘उद्देश्य’ शब्द अक्सर अस्तित्व (सत्) के सिद्धांत से जुड़ा होता है।

  • ह्रीं

‘ह्रीं’ बीज शब्द या शब्दांश है जो महालक्ष्मी और महादेवी (महान देवी) की ऊर्जा का प्रतीक है।

यह दिव्य शक्ति, पवित्रता और परिवर्तन का प्रतीक है। ‘ह्रीं’ का जाप आध्यात्मिक जागृति और मन व आत्मा को शुद्ध करने वाली सुरक्षात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

  • क्लीम

‘क्लीम’ आकर्षण, प्रेम और इच्छा का प्रतीक है। यह देवी काली और कमला से जुड़ा है, जो चुंबकीय ऊर्जा का प्रतीक है जो प्रचुरता और भावनात्मक शक्ति को आकर्षित करती है।

नवाक्षरी मंत्र का क्लीं बीज शब्द इच्छाओं को प्रकट करने में मदद करता है और दिव्य ऊर्जा और भक्त के बीच संबंधों को मजबूत करता है।

  • चामुंडाय

हिंदी में नवार्ण मंत्र का अगला शब्द है चामुंडाय। यह माँ चामुंडा का सीधा आह्वान है, जिन्होंने चंड और मुंड नामक राक्षसों का वध किया था।

माँ दुर्गा अपने उग्र रूप चामुंडा में नकारात्मकता का नाश करती हैं और भक्तों की रक्षा करती हैं। इसका जाप करने से साहस, शक्ति और बाधाओं व बुरी शक्तियों पर विजय पाने की क्षमता प्राप्त होती है।

  • विच्चे

विच्चे को भ्रम और भय का नाश करने वाला कहा जाता है। यह देवी का दयालु रूप है जो भक्त को सभी भय और अंधकार से मुक्ति दिलाता है।

यह बीज शब्द या ध्वनि सम्पूर्ण मंत्र की शक्ति को सील कर देती है, तथा आध्यात्मिक सुरक्षा और निर्भय मुक्ति प्रदान करती है।

नवार्ण मंत्र का महत्व

नवाक्षरी मंत्र को श्री दुर्गा सप्तशती (एक पवित्र ग्रंथ) के पाठ का एक मूलभूत अंग माना जाता है और यह शक्ति परंपराओं का केंद्रबिंदु है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है, भय को दूर करता है और आंतरिक उपचार प्रदान करता है।

यह भी माना जाता है कि नवार्ण मंत्र के प्रत्येक शब्द का उच्चारण करने से त्रिदेवी - महा सरस्वती (ऐं), महा लक्ष्मी (ह्रीं) और महा काली (क्लीम) के साथ-साथ देवी चामुंडा का भी आह्वान होता है।

नवार्ण मंत्र का जाप कैसे करें?

यद्यपि नवार्ण मंत्र के कोई दुष्प्रभाव नहीं है, फिर भी प्रभावी नवार्ण मंत्र साधना (जप) के लिए, हिंदी में नवार्ण मंत्र (Navarna mantra in hindi) के नियमों का पालन करें:

  • आसन और दिशा: एक साफ़ चटाई पर पद्मासन (कमल मुद्रा) जैसी आरामदायक और स्थिर मुद्रा में बैठें। नई शुरुआत के लिए सुबह जप करते समय पूर्व दिशा की ओर और आध्यात्मिक विकास के लिए उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
  • तैयारी: शुरू करने से पहले, मन को शांत करने के लिए गहरी सांस लेने या प्राणायाम के कुछ चक्र करें, जैसे नाड़ी शोधन (नासिका से बारी-बारी से सांस लेना)।
  • माला: नवार्ण मंत्र का जाप करने के लिए, गिनती रखने के लिए 108 मोतियों वाली रुद्राक्ष या स्फटिक माला का उपयोग करें।
  • मंत्र का जाप प्रतिदिन 108 बार (एक माला) करें: यदि समय सीमित हो, तो 11, 21, या 51 बार जप करना भी लाभदायक होता है।
  • ध्यान: जप करते समय देवी चामुंडा के स्वरूप पर ध्यान केंद्रित करें या अपने चारों ओर एक उज्ज्वल, सुरक्षात्मक दिव्य प्रकाश की कल्पना करें।
  • निरंतरता: सर्वोत्तम परिणामों के लिए, कम से कम 21 या 41 दिनों के चक्र के लिए प्रतिदिन एक ही समय और स्थान पर अभ्यास करें।

नवार्ण मंत्र के लाभ क्या हैं?

नवार्ण मंत्र का निरंतर और समर्पित जप करने से कई आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ मिलते हैं। हिंदी में नवार्ण मंत्र के लाभ (Navarna mantra benefits in hindi) को जानते हैं

  • सुरक्षा: यह नकारात्मक ऊर्जा, भय और बाहरी कठिनाइयों के खिलाफ एक शक्तिशाली ढाल के रूप में कार्य करता है। इसलिए, नवार्ण मंत्र आपको सुरक्षा का लाभ देता है।
  • आध्यात्मिक विकास: यह मन को शुद्ध करता है। समस्या-समाधान क्षमताओं को मजबूत करता है और कुंडलिनी ऊर्जा को एक्टिव करने में मदद कर सकता है, जिससे आंतरिक जागृति होती है।
  • बुद्धि और स्पष्टता: नवार्ण मंत्र साधना के माध्यम से माँ दुर्गा की ऊर्जा का आह्वान स्पष्टता, ज्ञान और बुद्धि लाता है।
  • बाधाओं पर विजय: मंत्र की ऊर्जा भक्त को चुनौतियों पर विजय पाने में मदद करती है और कठिन परिस्थितियों में उनका मार्गदर्शन करती है।
  • प्रकटीकरण: नवार्ण मंत्र के बोल दिव्य इच्छा के साथ संरेखित होते हैं, जो शक्ति को प्रकट करने और लक्ष्य प्राप्त करने में मदद करते हैं। हिंदी में नवार्ण मंत्र लाभ (Navarna mantra benefits hindi) आपको सभी कार्यों में विजय करने की शक्ति देते हैं।

सारांश

नवार्ण मंत्र माँ चामुंडा के लिए एक शक्तिशाली छह-अक्षरों वाली प्रार्थना है, जो सृजन, संरक्षण और परिवर्तन की ऊर्जाओं का प्रतीक है। इसके जाप से दिव्य सुरक्षा, आध्यात्मिक शक्ति और स्पष्टता प्राप्त होती है, जिससे भक्तों को सरस्वती, लक्ष्मी, काली और दुर्गा के उग्र रूप, चामुंडा के आशीर्वाद से भय और बाधाओं पर विजय पाने में मदद मिलती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-

नवाक्षरी मंत्र, नवार्ण मंत्र का ही दूसरा नाम है। 'नवाक्षरी' शब्द का अर्थ है 'नौ अक्षरों वाला', जो मंत्र के छह शक्तिशाली अक्षरों को दर्शाता है: ॐ, ऐं, ह्रीं, क्लीं, चामुण्डायै, विच्चे।
यह मंत्र दिव्य माँ चामुंडा को प्रणाम है। नवार्ण मंत्र का अर्थ है, 'मैं दिव्य माँ चामुंडा को अपनी भक्ति अर्पित करता हूँ, जो ज्ञान, सुरक्षा और मोह पर विजय पाने की शक्ति प्रदान करती हैं।'
इसका प्रयोग मुख्यतः देवी दुर्गा का आशीर्वाद, सुरक्षा और दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। भक्त नकारात्मक शक्तियों का नाश करने, भय दूर करने, आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने, मन की स्पष्टता प्राप्त करने और जीवन की चुनौतियों से निपटने में मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए इसका जाप करते हैं।
हाँ, प्रतिदिन जप करना अत्यधिक अनुशंसित है। नवाक्षरी मंत्र का पूरा लाभ पाने के लिए नियमितता महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन कम से कम एक माला (108 बार) का अभ्यास आदर्श है।
नवाक्षरी मंत्र का जप सही उच्चारण, शुद्ध भक्ति के साथ, और सूर्यास्त से पहले करें। प्रतिदिन एक माला (108 बार) से शुरुआत करें। दैनिक अभ्यास के लिए किसी कठोर दीक्षा की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्नत जप के लिए किसी गुरु की सलाह अवश्य लें।
चंडी मंत्र का जाप प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त) या सूर्योदय के समय सबसे अधिक प्रभावी होता है, लेकिन सकारात्मक परिणामों के लिए इसे किसी भी समय ध्यान और भक्ति के साथ किया जा सकता है।

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