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क्या आपको पता है कि ग्रह आपके जीवन में अलग-अलग परिस्थितियां ला सकते हैं? जी हाँ। आप वर्तमान में एक खास ग्रह के प्रभाव में हैं उस ग्रह चक्र या उसका शासनकाल विंशोत्तरी दशा कहलाता है। आइए नीचे हिन्दी में महादशा कैलकुलेटर (Mahadasha calculator in hindi) का इस्तेमाल करें और अभी अपना भविष्य जानें।

विमशोत्तरी दशा कैलकुलेटर

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विंशोत्तरी दशा क्या है?

विंशोत्तरी दशा शब्द का अर्थ है 120 साल के ग्रह चक्र। यह किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में महादशा तय करने की एक ज्योतिषीय विधि है जो किसी ग्रह के प्रभाव की एक लंबी अवधि के रूप में जाना जाता है। महर्षि पाराशर ने ज्योतिष में दशा पद्धतियों के 42 प्रकार बताए हैं। इनमें से एक दशा प्रणाली विभिन्न ग्रहों की छोटी दशाओं को पहचानने में मदद करती है।

विंशोत्तरी दशा चार्ट करियर में बदलाव, विवाह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की भविष्यवाणी करने में मदद करता है। यह 120 साल की अवधि 9 महादशाओं में विभाजित है जो सभी नौ ग्रहों को अलग-अलग जीवन चरणों में प्रभावित करने का संकेत देती है। इस प्रकार विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर आवश्यक हो जाता है क्योंकि आपको कुछ बातों का जवाब मिल जाता है कि ये क्या हो रहा है।

विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर क्या है?

विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर एक ऑनलाइन टूल है जो आपकी आज की महादशा का जल्दी पता लगाने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह आपकी जन्म कुंडली के आधार पर आपकी पिछली और भविष्य की महादशा के बारे में पता करता है।

यह ऑनलाइन कैलकुलेटर आपके जन्म से जुड़ी जानकारी को इनपुट के रूप में लेता है और आपको आपके जन्म से लेकर अभी तक की सभी जानकारी देता है।

ऑनलाइन विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर कैसे काम करता है

क्या आप सोच रहे हैं कि हिन्दी में दशा महादशा कैलकुलेटर (Dasha mahadasha calculator in hindi) की गणना कैसे करें? तो आइए हमारे फ्री महादशा कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। यह किसी व्यक्ति के जीवन की छोटी जानकारी देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

नीचे दिए गए कुछ आसान चरणों का पालन करके महादशा कैलकुलेटर का फ्री में इस्तेमाल कर सकते हैं।

  1. विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर नामक कैलकुलेटर पर जाएं।
  2. अपना जन्म ब्यौरा दर्ज करें - नाम, लिंग, जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान।
  3. इसके बाद गणना पर क्लिक करें।
  4. आपकी प्रमुख दशा, लघु दशा, उप लघु दशा, उप उप लघु दशा और उप उप उप लघु दशा आपकी जन्म कुंडली के आधार पर उत्पन्न की जाएगी।
  5. इसके बाद आप विंशोत्तरी दशा भविष्यवाणी के बारे में फ्री पढ़ सकते हैं। हालांकि अधिक जानकारी के लिए आप किसी ज्योतिषी से राय ले सकते हैं।

विंशोत्तरी दशा की गणना कैसे की जाती है?

मैन्युअल रूप से गणना करने के लिए नीचे दिए गए हिन्दी में विंशोत्तरी दशा चार्ट (Vimshottari dasha chart in hindi) व्यक्ति का नाम, जेंडर, जन्म तिथि, स्थान और जन्म समय से जुड़ी जानकारी लेता है और फिर जांचता है कि उनका जन्म महादशा चक्र के किस भाग में हुआ था।

उसके बाद हिन्दी में दशा महादशा कैलकुलेटर (Dasha mahadasha calculator in hindi) के अनुसार, उन ग्रहों की दशा की भविष्यवाणी करता है जिनकी दशा व्यक्ति को पहले से तय क्रम में होगी लेकिन यह क्रम कैसे तय करते हैं? आइए नीचे महादशा कैलकुलेटर के बारे में और जानकारी लेते हैं।

  • चन्द्रमा की स्थिति और नक्षत्र : महादशा का प्रारंभिक बिंदु चन्द्रमा के नक्षत्र से जाना जाता है अर्थात वह नक्षत्र जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा स्थित हो।
  • चंद्र नक्षत्र का स्वामी ग्रह : जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, उसका स्वामी ग्रह ही व्यक्ति की पहली महादशा होती है। इसी तरह अन्य ग्रहों की महादशाएं भी एक-एक करके क्रम से आती हैं।
  • हर महादशा की निश्चित समयावधि : विभिन्न ग्रहों की महादशाओं की अवधि उनकी विंशोत्तरी दशा के अनुसार अलग-अलग होती है और समय अवधि तय होती है।
  • तीन नक्षत्र नियम : हर महादशा की तय समय अवधि की गणना तीन नक्षत्र नियम से की जाती है। जिस ग्रह की दशा चल रही होती है उसके चारों ओर हमेशा तीन नक्षत्र एक साथ होते हैं।

इसलिए महादशा नक्षत्रों के अनुक्रम के अनुसार चलती है और प्रत्येक नक्षत्र को 9 ग्रहों में से एक ग्रह के साथ जोड़ा जाता है। हालांकि महादशा का अनुक्रम नीचे समझाया गया है।

ग्रहमहादशा वर्षनक्षत्र
केतु ग्रह7 वर्षअश्विनी, मघा, मूल
शुक्र ग्रह20 वर्षभरणी, पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा
सूर्य ग्रह6 सालकृतिका, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा
चंद्र ग्रह10 वर्षरोहिणी, हस्त, श्रावण
मंगल ग्रह7 वर्षमृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
राहु ग्रह18 वर्षआर्द्रा, स्वाती, शतभिषा
बृहस्पति ग्रह16 वर्षपुनर्वसु, विशाखा, पूर्वाभाद्रपद
शनि ग्रह19 वर्षपुष्य, अनुराधा, उत्तराभाद्रपद
बुध ग्रह17 वर्षआश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती

विंशोत्तरी दशा का चक्र

जैसा कि हमने देखा विंशोत्तरी दशा अवधि को 9 महादशा अवधियों में बांटा गया है जिनमें से प्रत्येक वैदिक ज्योतिष के अनुसार एक खास ग्रह द्वारा शासित है। ये 7 पारंपरिक ग्रह और चंद्रमा की कक्षा के उत्तर और दक्षिण प्रतिच्छेद बिंदु (राहु और केतु) शामिल हैं।

विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर महादशा की चक्रीय घटना की गणना करता है। इसलिए ग्रहों का एक तय क्रम होता है जिसके कारण हर ग्रह का व्यक्ति पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। यह क्रम निम्नलिखित नियम में है।

केतु -> शुक्र -> सूर्य -> ​​चन्द्र -> मंगल -> राहु -> बृहस्पति -> शनि -> बुध

इसके अलावा हर महादशा के लिए नौ ग्रहों की अंतर्दशाएं होती हैं। किसी खास ग्रह की महादशा का प्रभाव भी इन अवधियों के साथ उसके मिलने पर भी निर्भर करता है।

विंशोत्तरी दशा भविष्यवाणी को निम्नलिखित क्रम में देख सकते हैं।

महादशा -> अंतर्दशा -> प्रत्यंतर दशा -> सूक्ष्म दशा -> प्राणदशा -> देहदशा

ऊपर बताई गई हर अवधि में नौ ग्रहों का एक चक्र होता है जिसमें महादशा और अंतर्दशा मुख्य रूप से महत्वपूर्ण होता है। सभी को नीचे समझाया गया है।

  • प्रमुख दशा - किसी ग्रह की मुख्य दशा (महादशा)।
  • अंतर्दशा - महादशा के अंतर्गत छोटी दशा, जिसे भुक्ति भी कहा जाता है।
  • प्रत्यंतर दशा - अंतर्दशा के अंतर्गत उप लघु दशा।
  • सूक्ष्म दशा - प्रत्यंतर दशा के अंतर्गत उप उप लघु दशा।
  • प्राण दशा - सूक्ष्म दशा के अंतर्गत उप उप लघु दशा।
  • देह दशा - प्राणदशा के अंतर्गत उप उप उप लघु दशा।

विंशोत्तरी दशा के प्रभाव

हर ग्रह आपकी कुंडली में अपनी स्थिति के आधार पर अपना असर डालती है। फ्री महादशा और अंतर्दशा के बारे में जानने के बाद नीचे दिए इसके प्रभाव पर एक नज़र डालें।

  • सूर्य विंशोत्तरी महादशा

हिन्दी में महादशा कैलकुलेटर (Mahadasha calculator in hindi) बताता है कि यदि सूर्य सही स्थिति, केंद्र या 11वें भाव में स्थित है तो इस दौरान व्यक्ति धनवान बन सकता है। व्यक्ति को प्रसिद्धि, नाम और सभी जरूरी चीजें मिल सकती हैं। नकारात्मक पहलू यह है कि इस अवधि में व्यक्ति मानसिक, भावनात्मक या शारीरिक समस्याओं से भी गुजर सकता है।

  • चन्द्र विंशोत्तरी महादशा

यदि वर्तमान महादशा अंतर्दशा कैलकुलेटर चंद्रमा की महादशा को दिखाता है तो यह फायदेमंद होगा होता है। चूंकि यह लग्न है इसलिए यह बहुत सारा पैसा और अच्छा स्वास्थ्य दोनों प्रदान कर सकता है। लेकिन दूसरी तरफ यदि चंद्रमा कमजोर स्थिति में है तो मानसिक बीमारियां, पैसे और मान-सम्मान में कमी होने की संभावना है।

  • बुध विंशोत्तरी महादशा

यदि महादशा कैलकुलेटर फ्री बुध को दर्शाता है और यह किसी के पक्ष में है, तो व्यक्ति बहुत खुशी और मन की शांति का अनुभव करने की उम्मीद कर सकता है। हालांकि, बुध की नकारात्मक स्थिति तनाव, पैसे से जुड़ी हानि, चोरी और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं सहित कई समस्याओं को जन्म दे सकती है। इसके हानिकारक प्रभावों का प्रतिकार करने के लिए आमतौर पर किसी ज्योतिषी से बात करना बेहतर होता है।

  • शुक्र विंशोत्तरी महादशा

हिन्दी में विंशोत्तरी दशा चार्ट (Vimshottari dasha chart in hindi) के अनुसार, अगर शुक्र स्थिति में हो तो व्यक्ति कलाकार, संगीतकार या कवि के रूप में अपना करियर बना सकता है। यदि बुरे रूप से स्थित हो तो व्यक्ति शराब और नशीली दवाओं की लत में पड़ सकता है। यहां तक ​​कि परिजनों से संपर्क भी टूट सकता है।

  • मंगल विंशोत्तरी महादशा

इसे दशा पुथी कैलकुलेटर भी कहा जाता है। अगर विंशोत्तरी दशा मंगल की महादशा दिखाता है तो इसकी अच्छी स्थिति व्यक्ति को उसके कठिन समय में मजबूती प्रदान करता है और यह अवधि आपको साहसी बनाएगी। लेकिन मंगल अगर बुरे रूप से स्थित है तो यह क्रोध संबंधी समस्याएं ला सकता है और व्यक्ति के रोमांटिक और वैवाहिक जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है।

  • बृहस्पति विंशोत्तरी महादशा

बृहस्पति विंशोत्तरी महादशा को व्यक्ति के जीवन का अच्छा समय माना जाता है और इसलिए यह लाभकारी है। इस दशा में व्यक्ति शिक्षक या योगी के रूप में अच्छा मुकाम प्राप्त करता है। हालांकि यदि बृहस्पति गलत जगह स्थित है तो व्यक्ति दुर्भाग्य, आपदा और यहाँ तक कि चिंता के मुद्दों का सामना कर सकता है।

  • शनि विंशोत्तरी महादशा

यदि विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर शनि को दर्शाता है तो व्यक्ति को बहुत लाभ होने की संभावना है यदि शनि 11वें घर में है या केंद्र भाव में है तो आपके किए गए मेहनत की सराहना की जाएगी। हालांकि यदि यह खराब स्थिति में है खासकर मंगल, राहु और केतु के साथ तो जान-माल का नुकसान हो सकता है।

  • राहु विंशोत्तरी महादशा

यदि विंशोत्तरी दशा चार्ट से पता चलता है कि वर्तमान दशा अवधि राहु की है और यह आपकी कुंडली में सकारात्मक रूप से स्थित है तो धन और कोई अच्छा अवसर आपके दरवाजे पर दस्तक देगी। लाभकारी राहु आपको यात्रा करने के लिए भी मजबूर कर सकता है। लेकिन खराब स्थिति वाला राहु बीमारी, दर्द, मृत्यु, निर्वासन और जेल ले जा सकता है।

  • केतु विंशोत्तरी महादशा

यदि वर्तमान दशा कैलकुलेटर यह संकेत देता है कि केतु की महादशा चल रही है तो आप मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही जब तक आप जीवित रहेंगे आपको सभी प्रकार की स्थितियों से आजाद होने का अहसास होगा। हालांकि यदि आपकी कुंडली में केतु कमजोर है तो आप लालच, दुःख और बुरे भावनाओं का अनुभव कर सकते हैं।

विंशोत्तरी दशा के प्रभाव को समझना

महादशा अंतर्दशा कैलकुलेटर (महादशा खोजक) के परिणाम लग्न राशि के माध्यम से बताया जाता है। लग्न, चंद्रमा की स्थिति के माध्यम से किसी खास ग्रह के किसी भी शुभ या अशुभ प्रभाव को तय कर सकता है।

हालांकि, लग्न से लग्न तक परिणाम भिन्न हो सकते हैं क्योंकि यह अच्छे ग्रह दूसरे के लिए अशुभ हो सकते हैं। उदाहरण के लिए वृषभ लग्न के लिए शनि एक शुभ ग्रह और योग कारक ग्रह है लेकिन कर्क लग्न के लिए मंगल एक फायदेमंद ग्रह है।

इस उदाहरण से पता चलता है कि महादशा में आने वाले कई ग्रह किस प्रकार लग्नों को प्रभावित करते हैं। विंशोत्तरी दशा चार्ट में लग्न की शक्ति और शुभ ग्रहों की शक्ति की जांच की जानी चाहिए क्योंकि वे कुछ ग्रहों के संपूर्ण और आने वाले प्रभावों को तय करेंगे।

अस्वीकरण : विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर आपकी जन्म कुंडली में विभिन्न ग्रहों की दशा अवधि की भविष्यवाणी करता है। प्रत्येक महादशा संक्रमण के साथ व्यक्ति में क्या परिवर्तन होंगे। इसकी गहन समझ के लिए किसी विद्वान ज्योतिषी से परामर्श करना सबसे अच्छा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-

ज्योतिष जन्म के समय से चंद्रमा की स्थिति और संबंधित नक्षत्रों का इस्तेमाल करके महादशा अवधि की गणना करते हैं और इसका उपयोग विवाह और करियर से संबंधित दशा जाँचने के लिए कर सकते हैं।
जिस ग्रह की महादशा चल रही है उसके अलावा अन्य ग्रहों की छोटी दशा के प्रभाव से यह तय होता है कि प्रमुख ग्रह व्यक्ति को किस तरह प्रभावित करेगा। हालांकि बृहस्पति की महादशा अन्य ग्रहों की तुलना में अधिक फायदेमंद होता है।
शुक्र की विंशोत्तरी अवधि विवाह के लिए होता है। 9 ग्रहों के क्रम में शुक्र विवाह चाहने वाले दो लोगों के लिए एक प्राकृतिक कारक है खासकर जब यह सातवें घर में स्थित हो। विंशोत्तरी दशा कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें और जानें कि क्या आपकी यह दशा है।
शनि विंशोत्तरी दशा 19 वर्ष तक चलती है। इसलिए शनि विंशोत्तरी दशा को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यही वह समय होता है जब व्यक्ति अपनी मानवीय सीमाओं और मृत्यु के विचार को स्वीकार करता है।
महादशा कैलकुलेटर फ्री आपको अपनी जन्म कुंडली में ग्रहों की पिछली, वर्तमान और आने वाली प्रमुख अवधियों को जानने में मदद करता है। यह आपको यह समझने में भी मदद करता है कि अतीत में कुछ स्थितियाँ क्यों हुई और व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में आगे क्या उम्मीद करनी है।
वर्तमान दशा कैलकुलेटर विंशोत्तरी या महादशा का क्रम दिखाता है जिस क्रम में यह हर किसी के जीवन में आती है। यानी - केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्रमा, मंगल, राहु, बृहस्पति, शनि और अंत में बुध।