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सूर्य जब एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है यह घटना ‘संक्रांति’ कहलाती है। हिन्दू धर्म में संक्रांति के समय को अत्यधिक शुभ माना जाता है।
संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में नहाने, दान करने और अपने पूर्वजों को याद करने का खास महत्व है। यह एक वैदिक त्योहार है। भारत के कई हिस्सों में इस उत्सव को बड़े जोश और धूमधाम से मनाया जाता है, जो खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक है। संक्रांति कब है (Sankranti kab hai) या संक्रांति कब की है (Sankranti kab ki hai) के बारे में जानते हैं।
संक्रांति सूर्य के राशि परिवर्तन का एक पवित्र समय है। 2026 में कुल बारह संक्रांतियाँ होंगी, जिनमें मकर संक्रांति 14 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन पवित्र स्नान और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आइये संक्रांति कब है (Sankranti kab hai) की जानकारी प्राप्त करते हैं।
| दिनांक | त्यौहार |
|---|---|
| बुधवार, 14 जनवरी | मकर संक्रांति |
| शुक्रवार, 13 फरवरी | कुंभ संक्रांति |
| रविवार, 15 मार्च | मीन संक्रांति |
| मंगलवार, 14 अप्रैल | मेष संक्रांति |
| शुक्रवार, 15 मई | वृष संक्रांति |
| सोमवार, 15 जून | मिथुन संक्रांति |
| गुरुवार, 16 जुलाई | कर्क संक्रांति |
| सोमवार, 17 अगस्त | सिंह संक्रांति |
| गुरुवार, 17 सितंबर | कन्या संक्रांति |
| शनिवार, 17 अक्टूबर | तुला संक्रांति |
| सोमवार, 16 नवंबर | वृश्चिक संक्रांति |
| बुधवार, 16 दिसंबर | धनु संक्रांति |
हिंदी में संक्रांति त्योहार के बारे (About sankranti festival in hindi) में जानते हैं। संक्रांति एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि भारतीय अध्यात्म और संस्कृति में हर महीने आने वाला एक शुभ मुहूर्त है। ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां होती हैं उसी तरह संक्रांति भी 12 होती हैं, जिनमें से कुछ का विशेष महत्व होता है, जो विभिन्न त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों को जन्म देती हैं। आइये कुछ महत्वपूर्ण संक्रांतियों को जानते हैं:
सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। हिन्दू शास्त्र के अनुसार यह धर्म और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है। आइये इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जानते हैं:
संक्रांति भारतीय संस्कृति का एक ऐसा पर्व है जो खगोल विज्ञान, धर्म और कृषि को एक साथ जोड़ता है। यह पर्व हमें आध्यात्मिक शुद्धि के लिए दान, धर्म और पवित्र स्नान के महत्व को याद दिलाता है, जबकि तिल-गुड़ और सामूहिक उत्सवों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश देता है। संक्रांति वास्तव में जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, नई शुरुआत और उल्लास का प्रतीक है। हिंदी में संक्रांति त्योहार के बारे (About sankranti festival in hindi) के बारे में जान चुके होंगे।
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