ज्योतिष में शुक्र का गोचर

शुक्र प्रेम, सौंदर्य और धन इन सब पर राज करता है। हमारे ज्योतिषियों का अनुमान है कि 2026 में शुक्र के गोचर के बाद जीवन के ये क्षेत्र पहले जैसे नहीं रहेंगे। शुक्र गोचर 2026 (Shukra gochar 2026) की सभी तिथियों, समय और महत्व को जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

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जनवरी 2026 में शुक्र का गोचर

शुक्र गोचर 2026शुक्र गोचर तिथियां 2026शुक्र गोचर समय 2026
शुक्र का मकर राशि में गोचर13 जनवरी, 2026 (मंगलवार)सुबह 03:39 बजे
शुक्र का कुंभ राशि में गोचर6 फ़रवरी, 2026 (शुक्रवार)सुबह 12:51 बजे
शुक्र का मीन राशि में गोचर2 मार्च, 2026 (सोमवार)सुबह 12:37 बजे
शुक्र का मेष राशि में गोचर26 मार्च, 2026 (गुरुवार)सुबह 04:49 बजे
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर19 अप्रैल, 2026 (रविवार)दोपहर 15:27 बजे
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर14 मई, 2026 (गुरुवार)सुबह 10:34 बजे
शुक्र का कर्क राशि में गोचर08 जून, 2026 (सोमवार)शाम 17:27 बजे
शुक्र का सिंह राशि में गोचर04 जुलाई, 2026 (शनिवार)शाम 19:03 बजे
शुक्र का कन्या राशि में गोचर01 अगस्त, 2026 (शनिवार)सुबह 09:23 बजे
शुक्र का तुला राशि में गोचर02 सितंबर, 2026 (बुधवार)दोपहर 13:40 बजे
शुक्र का कन्या राशि में गोचर6 नवंबर, 2026 (शुक्रवार)सुबह12:45 बजे
शुक्र का तुला राशि में गोचर22 नवंबर, 2026 (रविवार)शाम 17:38 बजे
शुक्र का कन्या राशि में गोचर6 नवंबर, 2026 (शुक्रवार)सुबह 12:45 बजे
शुक्र का तुला राशि में गोचर22 नवंबर, 2026 (रविवार)शाम 17:38 बजे

अन्य सभी ग्रह गोचर 2026 की तिथियां पढ़ें

शुक्र गोचर 2026 का महत्व

शुक्र का गोचर 2026 एक शक्तिशाली ज्योतिषीय घटना है जो प्रेम, धन, सौंदर्य और रिश्तों को प्रभावित करती है। शुक्र प्रत्येक राशि में 23 से 24 दिन बिताता है और फिर अगली राशि में चला जाता है और शुक्र को एक वर्ष में एक राशि चक्र पूरा करने में लगभग 276 दिन लगते हैं।

2026 में, शुक्र वृश्चिक और धनु राशि को छोड़कर सभी राशियों में गोचर करेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र गोचर 2026 (Shukra gochar 2026) का प्रभाव दूसरे, ग्यारहवें और चौथे भाव में और उच्च राशि (मीन) में सबसे अच्छा रहेगा। यहाँ तक कि वृषभ, तुला और मीन जैसी राशियाँ भी सबसे अधिक लाभकारी रहेंगी।

शुक्र गोचर के दौरान क्या होता है?

जब शुक्र एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो यह प्रेम, धन, सुंदरता और अपने आस-पास के लोगों के प्रति हमारी भावनाओं को बदल देता है। हिन्दी में शुक्र गोचर (Shukra gochar in hindi) के सामान्य प्रभाव इस प्रकार हैं।

  • रिश्तों पर ध्यान देंगे : शुक्र के मजबूत होने पर आप अपने साथी के प्रति करीब महसूस कर सकते हैं। हालाँकि, कमजोर स्थिति में गलतफहमी और असुरक्षा जैसी छोटी-मोटी समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।
  • धन संबंधी आदतों में परिवर्तन : शुक्र गोचर नए वित्तीय अवसर ला सकता है, लेकिन साथ ही हमें अनावश्यक चीजों या सुख- सुविधा देने वाली वस्तुओं पर खर्च करने के लिए प्रेरित भी कर सकता है।
  • क्रिएटिविटी में वृद्धि : शुक्र गोचर 2026 (Venus Transit 2026) में क्रिएटिविटी अपने चरम पर होती है। इस समय लोग अक्सर नई चीज़ें सीखने, शौक़ बढ़ाने, संगीत या कला से जुड़ी एक्टिविटी में रुचि लेने के लिए उत्सुक महसूस करते हैं।
  • सामाजिक जीवन में सुधार : शुक्र सामाजिक जीवन को बढ़ावा देता है और व्यक्ति को आकर्षक और दयालु बनाता है। इस अवस्था में व्यक्ति आसानी से दोस्त बना लेता है या झगड़ों को आसानी से सुलझा लेता है।

शुक्र गोचर 2026 का प्रत्येक भाव में प्रभाव

शुक्र प्रेम, सौंदर्य, धन और मेल-जोल का कारक है। जब यह आपकी कुंडली के प्रत्येक भाव से होकर गुजरता है, तो यह जीवन के खास क्षेत्रों को प्रभावित करता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 2026 में शुक्र का गोचर सभी 12 भावों को कैसे प्रभावित कर सकता है, यहाँ बताया गया है।

2026 में शुक्र का पहले भाव में गोचर

प्रभाव : यह चरण आपको सबसे ज़्यादा पसंदीदा व्यक्ति बनाता है और लोग स्वाभाविक रूप से आपकी मौजूदगी की तरफ खिंचे चले आते हैं। शुक्र गोचर 2026 के प्रभाव आपको आकर्षण और आत्मविश्वास से भर देंगे।

चुनौतियाँ: दूसरों से बाहरी तारीफ़ और अपनी दिखावट पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा सकता है।

उपाय : शुक्रवार को सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें और शुक्र मंत्र (‘ॐ शुक्राय नमः’) का जाप करें।

2026 में शुक्र का दूसरे भाव में गोचर

प्रभाव : जब शुक्र धन और परिवार के भाव में स्थित होता है, तो व्यक्ति को आराम और कई चीजों का सुख प्राप्त होता है। उसकी वाणी में मीठास आती है, जिससे पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने में आसानी होती है।

चुनौतियाँ : आराम की वस्तुओं पर बहुत अधिक खर्च करने से लंबे समय तक वित्तीय सुरक्षा और बचत प्रभावित हो सकती है।

उपाय : शुक्रवार को मंदिर में गाय का घी दान करें, नकारात्मक भाषण से बचें।

2026 में शुक्र का तीसरे भाव में गोचर

प्रभाव : शुक्र गोचर 2026 (Shukra gochar 2026) प्रभाव से आपकी बातचीत, खासकर छोटे भाई-बहनों के साथ अच्छी होगी। यह लेखन, नेटवर्किंग और दोस्ती के लिए अच्छा समय है।

चुनौतियाँ : इस घर में शुक्र गोचर आपको आलस, टालमटोल और गपशप के प्रति ध्यान खींच सकता है।

उपाय : मंगलवार और शुक्रवार को लाल रंग के कपड़े पहनें। साथ ही घर का प्रवेश द्वार साफ़ रखें।

2026 में शुक्र का चौथे भाव में गोचर

प्रभाव : शुक्र गोचर 2026 (Venus Transit 2026) में आप शांति और आराम को पहले महत्व देंगें। इस स्थिति में आपकी माँ के साथ आपके रिश्ते भी बेहतर होंगे।

चुनौतियाँ : परिवार के सदस्यों पर अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता या उनके व्यक्तिगत मामलों में दखल देने की स्थिति बन सकती है।

उपाय : बुजुर्ग महिलाओं को खीर खिलाएं या चावल और दूध का दान करें।

2026 में शुक्र का पांचवे भाव में गोचर

प्रभाव : रोमांस के पांचवे भाव में स्थित शुक्र आपके प्रेम जीवन में चमक लाएगा। आप मनोरंजन के लिए क्रिएटिव काम की ओर भी आकर्षित होंगे।

चुनौतियाँ : यह स्थिति कभी-कभी आपको आपकी वास्तविक जिम्मेदारियों से भटका सकती है।

उपाय : शुक्रवार को नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें, गायों को चारा दान करें।

2026 में शुक्र का छठे भाव में गोचर

प्रभाव : जब शुक्र स्वास्थ्य और कार्य के घर में होता है, तो दैनिक कार्य आसान लगते हैं और यहां तक ​​कि कार्यस्थल पर चुनौतियों से निपटना भी आसान हो जाता है।

चुनौतियाँ : ज़्यादा सोचने से रिश्तों में अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है। आप आलसी भी हो जाते हैं और अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

उपाय : प्रतिदिन इत्र लगाएं और अपने बटुए में दो चांदी के टुकड़े रखें। लगातार छह दिनों तक प्रतिदिन छह कन्याओं को दूध पिलाएं।

2026 में शुक्र का सातवें भाव में गोचर

प्रभाव : शुक्र का सातवें भाव में गोचर प्रेम और विवाह के लिए सबसे अच्छे गोचरों में से एक है। प्रेम आसानी से पनपता है और यह आपकी बिज़नेस पार्टनर के साथ मज़बूत संबंध बनाता है।

चुनौतियाँ : बिज़नेस पार्टनर से ज्यादा उम्मीदें रखने से निराशा हो सकती है।

उपाय : अपने साथी का अनादर न करें, शुक्र मंत्र (ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः) का जाप करें।

2026 में शुक्र का आठवें भाव में गोचर

प्रभाव : अष्टम भाव में गोचर शुक्र रिश्तों में जोश, निकटता और छुपी हुई बात को सामने लेकर आता है। यह भागीदारी के माध्यम से अचानक लाभ भी दिला सकता है।

चुनौतियाँ : इस स्थिति के दौरान ताकत की लड़ाई, राज, झूठ, गलतफहमियाँ या यहाँ तक कि एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी उत्पन्न हो सकते हैं।

उपाय : शुक्रवार के दिन विधवाओं या छोटी लड़कियों को सफेद रंग की मिठाई दान करें।

2026 में शुक्र का नौवें भाव में गोचर

प्रभाव : नौवें भाव में शुक्र आस्था, भक्ति और आगे की शिक्षा को बढ़ाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, यह चरण लंबी दूरी की यात्राओं के लिए भी सही है।

चुनौतियाँ : इस स्थिति के कारण व्यक्ति आलसी हो सकता है, खासकर पढ़ाई में।

उपाय : किसी मंदिर में घी, कपूर और दही (सफेद रंग की वस्तुएँ) चढ़ाएँ या दान करें। परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करें।

2026 में शुक्र का दसवें भाव में गोचर

प्रभाव : शुक्र गोचर 2026 के प्रभाव से करियर में उन्नति और समाज में सम्मान मिलेगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से सम्मान और कृपा भी प्राप्त हो सकती है।

चुनौतियाँ : इस चरण के दौरान लोगों को अपने काम और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाने में मेहनत करना पड़ सकता है।

उपाय : करियर में सफलता के लिए काली गाय की सेवा करें और उसे भोजन कराएं तथा देवी लक्ष्मी की पूजा करें और उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करें।

2026 में शुक्र का ग्यारहवें भाव में गोचर

प्रभाव : आप मदद करने वाले लोगों को आकर्षित कर सकते हैं और लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाने से फायदा हो सकता है। इस दौरान आपकी आर्थिक इच्छाएँ और सपने पूरे हो सकते हैं।

चुनौतियाँ : लोग लालची, स्वार्थी और प्रियजनों पर निर्भर हो सकते हैं और अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों से बेचैन हो सकते हैं।

उपाय : किसी विधवा से आशीर्वाद लें और लगातार पांच शुक्रवार को छोटी कन्याओं (कुंवारी) को मीठा भोजन कराएं।

2026 में शुक्र का बारहवें भाव में गोचर

प्रभाव : शुक्र के बारहवें भाव में गोचर के दौरान आप आराम और यात्राओं पर अधिक खर्च कर सकते हैं। हालाँकि, सांसारिक इच्छाओं से दूर रहने का मन भी कर सकता है।

चुनौतियाँ : कल्पनाएँ आपको वास्तविक दुनिया से बेचैन कर सकती हैं। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर भी बन सकते हैं।

उपाय : घर के मंदिर में रोज़ाना देसी घी का दीपक जलाएँ। आप शुक्रवार को नई चादरें या पर्दे ( गुलाबी रंग के) भी खरीद सकते हैं।

सामान्य शुक्र गोचर 2026 भविष्यवाणियां

आइए हिन्दी में शुक्र गोचर (Shukra gochar in hindi) की भविष्यवाणियों को देखें और जानें कि यह आपके प्रमुख जीवन क्षेत्रों को कैसे प्रभावित करेगा।

  • प्यार और रिश्ते

ज्योतिषियों का कहना है कि मीन राशि में शुक्र का मजबूत होना उसकी सबसे शक्तिशाली स्थिति है। इसलिए, मार्च का महीना रोमांस के लिए सही है और विशेष रूप से अविवाहित लोगों के लिए शुभ रहेगा।

इसके साथ ही अप्रैल, सितंबर और नवंबर सगाई, शादी के लिए अच्छा समय है क्योंकि शुक्र अपनी खुद की राशि (वृषभ और तुला) में प्रवेश करेगा।

  • करियर और वित्त

चूँकि शुक्र वृषभ राशि का स्वामी है, इसलिए वृषभ शुक्र गोचर (अप्रैल) की अवधि वित्तीय निवेश के लिए सही है। ज्योतिषियों का अनुमान है कि इस अवधि के दौरान लिए गए सभी वित्तीय निर्णय मज़बूती और लंबे समय का फायदा प्रदान कर सकते हैं।

शुक्र गोचर 2026 (Shukra gochar 2026) में मई का महीना (शुक्र मिथुन राशि में) लेखन, बिक्री, मार्केटिंग और यात्रा से जुड़े व्यवसायों में काम करने वालों के लिए सबसे सही रहेगा। अंत में सितंबर और नवंबर के महीने नए व्यावसायिक सौदों और नौकरी के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करने के लिए बेहतरीन समय हैं।

  • स्वास्थ्य और कल्याण

शुक्र गोचर 2026 वैदिक ज्योतिष सिद्धांतों के अनुसार, मेष और वृश्चिक राशियों में शुक्र की ऊर्जा सबसे कमज़ोर होती है और इससे स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ हो सकती हैं। इस लिहाज़ से मार्च 2026 में मेष राशि में शुक्र गोचर की अवधि स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

शुक्र गोचर 2026 की भविष्यवाणी के अनुसार, लोगों को शुगर, पेट की अपच और आंख संबंधी समस्याओं जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि, अप्रैल में तुला राशि में शुक्र के गोचर के साथ शुक्र बलवान होगा, जिससे स्वास्थ्य में सुधार होगा और पौष्टिक आहार पर ध्यान देना होगा।

शुक्र गोचर 2026 के दौरान सावधानी

हालाँकि माना जाता है कि शुक्र गोचर 2026 (Venus Transit 2026) हमारे रिश्तों, धन संबंधी मामलों को बेहतर बनाएगा और हमें आगे बढ़ाएगा लेकिन इस गोचर का हर चरण सही नहीं है। हमारे ज्योतिषी चेतावनी देते हैं कि अगस्त से नवंबर के बीच का समय इन कारणों से मुश्किलों भरा रहेगा।

  • कन्या राशि में शुक्र का नीच होना (1 अगस्त)
  • ज़रूरत से ज़्यादा सोचने, आलोचना और उम्मीदों के कारण आपके रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति भी सही नहीं रहेगी, क्योंकि बजट के बावजूद आप अनावश्यक चीज़ों पर ज़रूरत से ज़्यादा खर्च कर सकते हैं।

    क्या करें : अनावश्यक बहस से बचें और दूसरों से उम्मीद न रखें।

  • शुक्र वक्री (3 अक्टूबर-14 नवंबर)
  • शुक्र के वक्री होने पर अतीत का कोई व्यक्ति फिर से प्रकट हो सकता है। इस दौरान प्रेम या आर्थिक मामलों में देरी की उम्मीद की जा सकती है। हमारे ज्योतिषी विवाह या वित्तीय निवेश जैसे कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह देते हैं।

    क्या करें : कोई भी निर्णय लेने से पहले दो बार सोचें और शांति से ध्यान लगाएं तथा पुराने घावों को भरने पर ध्यान दें।

सारांश

शुक्र गोचर 2026 एक ऐसी ज्योतिषीय घटना है जो प्रेम, आर्थिक और रिश्तों में बड़े बदलाव लाएगी। जहाँ कुछ लोगों का प्रेम और आर्थिक जीवन 2026 में फल-फूल सकता है, वहीं कुछ को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

अस्वीकरण : शुक्र गोचर 2026 पर शेयर की गई ज्योतिषीय जानकारी सामान्य प्राचीन वैदिक ज्योतिष सिद्धांतों पर आधारित है। परिणाम हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। व्यक्तिगत जानकारी के लिए हमारे अनुभवी ज्योतिषियों से राय लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-

शुक्र का अगला गोचर 2026 में 13 जनवरी को मकर राशि में होगा। 2026 में शुक्र वृश्चिक और धनु राशि को छोड़कर हर राशि से होकर गुजरेगा।
प्रेम और सौंदर्य का ग्रह शुक्र मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में नीच राशि में होता है। 2026 में, जब शुक्र उच्च राशि में होगा तो यह प्रेम, क्रिएटिविटी और सौंदर्य को बढ़ाएगा। हालाँकि, नीच राशि में होने पर शुक्र का गोचर रिश्तों और वित्तीय मामलों में चुनौतियाँ ला सकता है।
ज्योतिषी 2026 में शुक्र के गोचर के दौरान इसके नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए कुछ उपाय करने की सलाह देते हैं। शुक्र मंत्र (ॐ शुक्राय नमः) का जाप, देवी लक्ष्मी की पूजा और शुक्रवार को सफेद वस्त्र दान करना इनमें से कुछ उपाय हैं।
2026 में शुक्र के गोचर का लाभ वृषभ, तुला, मीन और मिथुन राशि वालों के लिए सबसे अधिक होगा। इन सभी राशियों के प्रेम जीवन, धन और आराम में सुधार देखने को मिल सकता है।
ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, शुक्र सभी बारह राशियों में गोचर करने में लगभग 276 दिन लगाता है। यह प्रत्येक राशि में लगभग 23 से 24 दिन बिताता है और उससे संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित करता है।
शुक्र का गोचर हर साल होता है और ज्योतिष का एक अभिन्न अंग है। हालाँकि, खगोलीय दृष्टिकोण से यह एक अनोखी घटना है जो आठ वर्षों के जोड़े में या तो 121.5 या 105.5 कई सालों के बाद होती है।

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